विद्युत विभाग: जनता पर कहर अपनों पर मेहर

खबर समाचार दर्शन


जनहित में एक विशेष रिपोर्ट


लाइन लॉस कम करने के नाम पर घरेलू उपभोक्ताओं का उत्पीड़न चरम पर

F.i.r. है विद्युत विभाग का हथियार जिसका भय दिखाकर घरेलू उपभोक्ताओं से की जा रही अवैध वसूली

5 किलोवाट से कम घरेलू कनेक्शन पर f.i.r. कानून का उल्लंघन है

विभाग में करोड़ों के घोटाले उन पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं

अधिकांश कर्मचारियों के घरों में चल रहे हैं ऐसी, एक से अधिक मकानों में इस्तेमाल हो रहे मुफ्त बिजली कनेक्शन

शासन की रोक के बावजूद TG-2 को दे रखे हैं फीडरों के चार्ज

सहारनपुर:- एक आम कहावत है “दूसरों की कमियां देखने से पहले, अपने गिरेबान में झांको” यह कहावत विद्युत विभाग पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है, लाइन लॉस कम करने के नाम पर विद्युत विभाग ने घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में बिजली चोरी की चेकिंग के नाम पर पूरा आंतक फैला रखा है। देश-प्रदेश के पटल पर सहारनपुर के लोगों की छवि ऐसी बना दी जैसे सबसे बड़े बिजली चोर यहीं के निवासी हैं! फर्जी तरीके से सीधी बिजली चोरी दर्शाकर विद्युत विभाग हर महीने हजारों उपभोक्ताओं के खिलाफ f.i.r. दर्ज कर करोड़ों रुपयों का शमन शुल्क व जुर्माना लगा रहा है, उनमें से बहुत से ऐसे उपभोक्ता होते है जिनके घरों में खाने के लाले हैं, विभाग उनको भी लाखों रुपए के जुर्माने बिलों में लगा कर भेज रहा है, बड़ा सवाल ? विद्युत विभाग औद्योगिक क्षेत्रों, बड़े प्रतिष्ठानों, होटलों में चेकिंग क्यों नही करता,जवाब, क्योंकि वहां से तो हर महिने उन्हें सभी सुविधाएं बिन मांगे खुद ही मिल जाती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग के समूह ख, ग, घ, के कर्मचारियों, जिनके घरों में एसी चल रहे हैं जिसे चलाने की उनहे इजाजत नहीं एंव कईयों के एक से अधिक मकानों में बिना मीटर के मुफ्त में बिजली इस्तेमाल हो रही है क्या कभी विभाग ने इनकी तरफ भी ध्यान दिया है और विभाग में जो करोड़ों रुपए के घोटाले हो रहे हैं कभी उनकी भी जांच पूर्ण कराई कभी किसी दागी को दण्डित किया? जवाब, नही”!! जबकि सबसे ज्यादा लाइन लॉस व राजस्व हानि तो विद्युत विभाग के लोग खुद विभाग को पहुंचा रहे हैं!!

विद्युत विभाग में तैनात TG-2 भुवनेश वशिष्ट जिसने टीपी नगर के पास हनुमन्त वाटिका में लाइन बिछाने में लाखों रुपए का घोटाला किया तथा उसकी शिकायत चीफ इंजीनियर को हुई, इस घोटाले की जांच एक्सईएन,टेस्ट हरिओम को लगभग 3 महीने पूर्व दी गयी थी लेकिन वह भी फाइलों में दबी पड़ी है सूत्र बताते हैं कि उक्त TG-2 विद्युत विभाग के बड़े अधिकारियों का कमाऊ पुत्र है यदि उसके सभी कार्यों की उच्च स्तर पर जांच हो तो फंदा बड़े अधिकारीयों के गले में भी फंस सकता है

जनपद के सभी खंडों में पुरानी विद्युत तारों को एसीबी कंडक्टर तारों में परिवर्तित किया गया, उतारी गई सभी पुरानी कॉपर व एलमुनियम तारे नियमानुसार स्टोर में जमा नही कराई और ना ही एमबी में चढ़ाई गई, इसे अधिकारियों ने बेच खाया जिनकी कीमत करोड़ों में थी इसकी शिकायत भी प्रधानमंत्री को की गई जिसकी जांच के आदेश भी हुए परंतु जांच को एक्सईएन, टेस्ट हरिओम ने फाइलों में दबाकर रखा हुआ है।

ऐसे बहुत मामले हैं जिनमें विद्युत बिलों में हेरा फेरी कर व्यापक भ्रष्टाचार किया गया है इन घोटालों से सरकार को करोड़ो रुपयों का चूना लगाया गया है जांच में आज तक किसी भी दोषी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई

शासन के द्वारा TG-2 को जेई का चार्ज न दिए जाने के आदेश है तथा जिन को चार्ज दिए गए थे उन्हें भी शासन द्वारा हटाने के आदेश है किंतु विभाग के बड़े अधिकारियों के वरद हस्त और संरक्षण के चलते कई फीडरो पर TG-2 तैनात हैं यही टीजी- 2 घरेलू उपभोक्ताओं से खुली अवैध वसूली कर सबसे ज्यादा कमाई करने का जरिया बने हुए हैं।

अपने काले कारनामे छिपाने के लिए लाइन लॉस का आंकड़ा दिखाकर गरीब और मध्यम वर्गीय घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में रेड़ मारकर f.i.r. दर्ज कराई जा रही है। नियमानुसार 5 किलोवाट से कम घरेलू उपभोक्ता पर एफआइआर दर्ज नहीं हो सकती परंतु विद्युत विभाग फर्जी तरीके से कागजों में बिजली की सीधी चोरी दर्शा कर तथा f.i.r. का भय दिखाकर विभाग घरेलू उपभोक्ताओं का आर्थिक, मानसिक, सामाजिक शोषण कर रहा है जो चरम पर पहुंच चुका है और रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

रिपोर्ट:-इरशाद खान/एस एम वासिल/साजिद सलमानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *