जहरीले,शराब माफिया और आबकारी विभाग



सहारनपुर उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद सहारनपुर समेत 49 लोग जहरीली शराब पीने से मौत के मुंह में समा गए जिसमें अब तक केवल सहारनपुर में मरने वालों की संख्या 35 के पर पहुंच गई है।कुछ लोग मौत से जूझ रहे हैं वहीं कुछ लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।यह कोई पहला मामला नहीं है जब जहरीली शराब पीने से इतनी बड़ी तादाद में मासूमों की मौतें हुई हों। अब से पूर्व भी जनपद में जहरीली शराब पीने से बड़ी तादाद में मासूम लोग अपनी जाने गवांते रहे हैं। प्रशासन व आबकारी विभाग हर बार इस प्रकार की घटना पर औपचारिकताएं निभा कर जांच को ठंडे बस्ते में डालने का काम करता रहा है जिसे लेकर शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। यहां यह भी बताते चलें जहरीले, शराब माफियाओं को आबकारी विभाग का संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते जनपद में शराब कशीदगी बहुत बड़े पैमाने पर होती है।

मोट मुनाफे के चलते आसपास के जनपदों से भी शराब माफिया आबकारी विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में जनपद में शराब लाते हैं फिर इनका सिंडीकेट इस मौत के मुंह में पहुंचाने वाली शराब को जनपद के दूरदराज के गांवों के साथ-साथ नगर में भी बेचने का काम करता है इससे होने वाले मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा आबकारी विभाग को पहुंच जाता है असल दोषी आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हैं जिनके संरक्षण में जहरीली शराब का धंधा संचालित होता है। ऐसी घटनाओं पर हर बार कुछ पुलिस कर्मियों का निलंबन इसका स्थाई समाधान नहीं हो सकता इस संबंध में गहन जांच उपरांत कठोर कार्यवाही की आवश्यकता है। प्रशासन को इसका मुस्तक़िल हल तलाशना होगा तभी ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

रिपोर्ट: एस एम वासिल/इरशाद खान

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