सत्ता की हनक” या हार का खौफ


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आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं पर सत्ता पक्ष द्वारा पुलिसिया दबाव लोकतांत्रिक मर्यादाओं से खिलवाड़।

सहारनपुर । जबकि केन्द्रीय चुनाव आयोग ने 2019 के आम चुनाव को लेकर अभी तक कोई अधीसूचना जारी नही की है। बावजूद इसके केंद्र एवं प्रदेश की सरकार पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने गैर भाजपाई दलों के प्रत्याशियों तथा उनके समर्थक कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया कार्यवाही कराकर दबाव बनवाना शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक मामला विगत दिनों खासा चर्चाओं में रहा” जिसमें सत्ता धारी पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने आम आदमी पार्टी की तरफ से जारी एक पोस्टर को पढ़वा कर यह संदेश देने की कोशिश की कि सत्ता पक्ष से कोई टकराने की कोशिश ना करे। यह सत्ता की हनक है या हार का खौफ। पिछले दिनों आम आदमी पार्टी की तरफ एक आम सा पोस्टर जारी किया गया था जिसमें जनपद की जनता से 2 सवाल पूछे गए थे-१- क्या आप सहारनपुर सासंद के कार्यों से खुश हैं।२-आपका सांसद कैसा हो। साथ ही लिखा था राय देने के लिए मिस्ड कॉल करें। इस पोस्टर को लेकर भाजपा नेता उबाल पड़े जिसे लेकर खासा बवाल खड़ा हो गया था। जिसमें भाजपा नेताओं ने आम आदमी के पोस्टर लगा रहे मजदूरों और कार्यकर्ताओं को पुलिस में शिकायत कर गिरफ्तार करा दिया था। हालांकि भाजपा नेताओं का यह कृत्य लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार तार करने वाला था। विदित हो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वंय सांसदों से उनके द्वारा कराये गये विकास कार्यों की समीक्षा कराने में लगे हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी की ओर से जारी पोस्टर महानगर समेत सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न कस्बो व गांव में चस्प कराया गया था।उसको अगर गौर से पड़ा जाये तो उसमें सिर्फ मतदाताओं से मौजूदा सांसद की कार्यशैली से संतुष्ट होने का सवाल पूछा गया था इसके अलावा इस पोस्ट में कहीं भी कोई आपत्तिजनक भाषा व टिप्पणी नहीं थी। राजनैतिक सूत्र बताते है कि वर्तमान समय में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र से आप प्रत्याशी योगेश दहिया ने जिस रणनीति के तहत अपना चुनाव लड़ने की नीति का प्रबंधन किया है” उससे आम आदमी पार्टी एवं योगेश दहिया शहर से लेकर गावं तक घर-घर में अपनी पैठ काफी हद तक बढ़ाने में कामयाब हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इसी से बौखलाकर भाजपा नेताओं ने आम आदमी पार्टी के प्रचार में लगे कार्यकर्ताओं का हौंसला तोड़ने के लिये तीन थानों की पुलिस द्वारा दबाव बनवाया सूत्रों की माने तो जिला पुलिस एवं प्रशासन ने आमआदमी पार्टी के सवाल पूछे गए पोस्टर को चस्पा करने वाले कार्यकर्ताओं के विरूद्ध कोई भी कार्रवाई करने से मना कर दिया था। जब भाजपा नेताओं की नहीं चली तो स्थानीय भाजपा नेताओं ने प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के माध्यम से बड़े भाजपाई नेताओं का दबाव स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर बनवाया जिसके चलते रात में ही थाना कुतुबशेर, सदर बाजार एवं जनकपुरी पुलिस ने आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं और पोस्टर लगा रहे हैं मजदूरों को
हिरासत में ले लिया था। इतना ही नही पुलिस ने महानगर की एक प्रतिष्ठित प्रिंटिग प्रेस के स्वामी से भी पूछताछ की तो उसने स्वयं को सत्ता पार्टी से जुड़ा हुआ बताकर अपना पीछा छुडा लिया” वहीं एक अन्य प्रिंटिग प्रेस के कई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर देर रात तक थाने पर बिठाए रखा। इस प्रकरण से लोकतांत्रिक मर्यादाओं को सत्ता पक्ष के लोगों ने जो खंडित करने का काम किया है उससे आम आदमी पार्टी को गहरा आघात लगा है। ऐसा लगता है कि भाजपा अपने विरोधी माने जाने वाले आम आदमी पार्टी प्रत्याशी योगेश दहिया एवं उनके समर्थकों से घबरा गई है तभी इस प्रकार के हथ कंडो का प्रयोग कर रही है। हालांकि यह समय के गर्भ में छिपा है कि सहारनपुर सांसद का सेहरा किसके सिर बंधेगा।

रिपोर्ट: इरशाद खान/ साजिद एडवोकेट

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