भारत माता की जय

कश के देश”और पूरे विश्व के जागरूक हमारे हिंदू/मुसलमान भाई”(मित्र) Alok Mohan” की इस पोस्ट को ध्यान पूर्वक पढ़ के विचार कर सकें तो देश का नक्शा ही कुछ और होगा। असल बात यह है कि वह शक्तियां जो हिंदू मुसलमान को आपस में लड़ाने का काम करती हैं और भारत को विश्व गुरु बनता देखना नहीं चाहती उनके द्वारा फैलाई भ्रांतियों को दूर करने तथा हिंदू मुस्लिमों में भाईचारा आपसी सौहार्द बनाए रखने और सच्चाई को उजागर करती इस पोस्ट को समाचार दर्शन परिवार सेल्यूट करता है”और इस शेर के साथ आलोक मोहन की इस पोस्ट को पढ़ने के लिए पाठकों को आमंत्रित करता है। *”के”
न समझोगे तो मिट जाओगे ए हिंदुस्तान वालो”

तुम्हारी दास्तां तक भी न होगी दास्तानों में”

  • मुसलमान हिंदुस्तान के सबसे सस्ते वोटर हैं
    -उन्हें सरकार से सुरक्षा के बदले में कुछ भी नहीं चाहिए.
    अपनी मेहनत के दम पर कमाने खाने वाले लोग हैं. साईकिल पंचर लगाने से लेकर भारत के राष्ट्रपति तक के पद को सुशोभित कर चुके है. फल बेचने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज तक रहे हैं
    बिरयानी बनाने का काम करने से लेकर IB प्रमुख तक, कवाब बनाने से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक; एक तो हाल ही में सेना प्रमुख बनने तक से रह गए
    किसानी से लेकर सेना में भर्ती होकर परमवीर चक्र लिया.
    पदमश्री से लेकर भारत रत्न तक प्राप्त किया मुसलमानों ने.
    मोटर वर्कशॉप का काम करने से लेकर अग्नि मिसाईल तक बनाई.
    हर क्षेत्र में मुसलमानों ने डंका बजाया है फ़िल्म, कला, साहित्य, संगीत कोई क्षेत्र मुसलमानों से अछूता नहीं
    आप भारत के होने की कल्पना ही नहीं कर सकते बिना मुसलमानों के…
    और ये सब इन्होंने बिना आरक्षण, बिना सरकारी मदद और बिना भाई भतीजावाद के प्राप्त किया है यदि असली मेरिट की बात की जाये तो वो भारत के मुसलमानों की है, लेकिन आज 70 साल के बाद भी इन्हें अपने वोट के बदले में क्या चाहिए केवल सुरक्षा….
    कितना सस्ता है मुसलमानों का वोट…
    ► औरत बियर बार में नंगी नाचे तो किसी को कोई तकलीफ नहीं।
    ► औरत बिकनी में क्लब के अंडर पोल डांस करे तो किसी को कोई तकलीफ नहीं।
    ► औरत जिस्म फरोशी के धंधे में गैर मर्दो के साथ सोये तो किसी को कोई तकलीफ नहीं।लाचार औरत सड़कों पर मारी-मारी फिरे तो किसी को कोई तकलीफ नहीं”*
    लेकिन जब एक मुसलमान औरत नकाब से अपने जिस्म को ढांके तो पूरी दुनिया के लोगो के सीने पे सांप लोट जाता है।
    और कहते है इस्लाम में औरतो को आजादी नही…इस्लाम धर्म में जितने औरतों को अधिकार दिए गए हैं उतने अन्य किसी धर्म में नहीं दिए गए। इस्लाम धर्म की किताबों को पढ़ा जाए तो जानकारी प्राप्त होगी की इस्लाम ने औरतों को क्या-क्या अधिकार दिए हैं*

वाहरेजाहिलो‬

समझ में नहीं आता हम औरतों को बेपर्दा क्यूँ करना चाहते है.?
दुनिया की तारीख में किसने मासूमो का सबसे ज़्यादा क़त्ल किया है?इतिहास कंघालिए जिसमें गैर मुस्लिमों की बर्बरता के क़िस्से भरे पड़े हैं”*
1)हिटलर।.जिसे मासूम लोगों को क़त्ल करने में मजा आता था”*
आप जानते हैं ये कौन था?
हिटलर जर्मन “ईसाई” था लेकिन मीडिया कभी “ईसाईयों” को आतंकवादी नहीं कहता।।
2)”जोसफ स्टालिन”
इसने तक़रीबन 20 मिलियन यानी 2″ लाख इंसानी जाने लीं जिसमे 14.5 मिलियन को तड़पा तड़पा कर मारा गया।।
क्या ये मुसलमान था??
3) “माओ त्से तसुंग (चीन)”
इसने 14 से 20 मिलियन निर्दोष लोगों का क़त्ल किया।।
क्या ये मुस्लमान था ??
4) “बेनितो मुस्सोलिनी” (इटली)”
इसने तक़रीबन 400 हज़ार लोगो का कत्लेआम कराया।
क्या ये मुसलमान था??
5) “अशोक” ने कलिंगा के युद्ध में 100 हज़ार लोगो का कत्लेआम किया ।।
क्या ये मुसलमान था ??
6)”अम्बार्ग जिसे जॉर्ज बुश ने इराक भेजा था इसने एक मिलयन सेज़्यादा इंसानो की जाने ली गयी जिसमे मासूम बच्चे भी शामिल थे
क्या ये भी मुसलमान था ??
आज देखा जाता है के ग़ैर मुस्लिम समाज में “जिहाद” के नाम से एक डर और दहशत बनी हुई है लेकिन मीडिया सच्चाई न बताता है और न दिखाता है।
“जिहाद” एक अरबी का शब्द है जो की एक और अरबी के शब्द “जहादा” से बना है।
जिसका मतलब है “बुराई” और “ना इंसाफी”के खिलाफ आवाज़ उठाना उसके खिलाफ खड़े होना या इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ना।।या कोशिश (प्रयत्न)करना*
जिहाद का मतलब मासूमो व बेगुनाहो की जान लेना या क़त्ल करना हरगिज़ नहीं है।
फ़र्क़ सिर्फ इतना है के हम बुराई के खिलाफ खड़े है” बुराई के साथ नहीं।
क्या इस्लाम हक़ीक़त में परेशानी है ?? 👇🏼👇🏼
1.पहली आलमी जंग प्रथम विश्व युद्ध (फर्स्ट वर्ल्ड वॉर 1930 के दशक में ) जिसमे 17 मिलियन मौते हुयी
जिसे ग़ैर मुस्लिम देशों ने लड़ा जिसमें लाखों निर्दोषों ने अपनी जानें गवाई।।

  1. दूसरी आलमी जंग”द्वितीय विश्व युद्ध” (सेकंड वर्ल्ड वॉर 1939 -1945 ) जिसमे 50 से 55 मिलियन मौतें हुयी।।
    यह भी ग़ैर मुस्लिमों द्वारा किया गया।।
  2. नागासाकी हिरोशिमा एटॉमिक हमले जिसमे 200,000 लोगो की जाने गयी ये हमले भी ग़ैर मुस्लिम(अमेरिका) द्वारा किये गए।
  3. वियतनाम की लड़ाई में 5 मिलियन लोग मारे गए
    यह भी ग़ैर मुस्लिमों ने किया।।
  4. बोस्निया/कोसोवो की लड़ाई में तक़रीबन 5″लाख लोग मारे गए।।
    ग़ैर मुस्लिमों ने किया ।
  5. इराक की जंग में अब तक 12,000,000 लोग मारे गए।जिसे ग़ैर मुस्लिमों ने अंजाम दिया”।
    7.1975″से”1979 तक कंबोडिया में तक़रीबन 3 मिलियन लोगो की जाने गयी।।
    ग़ैर मुस्लिमों ने किया।।
  6. और आज अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया , फिलिस्तीन, और बर्मा में लोग मारे जा रहे हैं।।
    क्या ये सब मुसलमानों ने किया ??क्या मुसलमान कर रहे हैं”अपने घर को कोई बेवकूफ ही होगा तो तबाह बर्बाद करेगा जैसे इन देशों को किया जा रहा है””*
    “मुसलमान आतंकवादी नहीं है और जो आतंकवादी है वो मुस्लमान नहीं हो सकता ।।”
    ये दोहरे चेहरे ज़रूर उजागर होने चाहिए।।
    जितना ज्यादा हो सके उतना शेयर करे।
    मिडिया ग़लत हाथों में है इसलिए वो लोग ग़लत जानकारी हम तक पहुचाते हैं।
    लेकिन मोबाइल फ़ोन हमारे हाथ में हैं इसलिए हमें सही जानकारी फैलानी होगी।जिस्से आपसी भाईचारे को बल मिले नफरतें कम हों नफरतें कम होंगी तभी हम तरक्की करेंगे हमारी तरक्की होगी तो देश तरक्की करेगा”*
    ———-जय हिंद जय भारत*

हिंदुस्तान जिंदाबाद”जिंदाबाद” जिंदाबादएस,एम,वासिल*

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